Wednesday, 28 March 2012


संकट और नवजागरण 
आज देश हमारा चौतरफा संकट से घिर गया 
उदारीकरण के करण सिर उनका फिर गया 
वैश्वीकरण के नाम पर कितना कहर ढाया है 
आर्थिक संकट बेरोजगारी ने उधम मचाया है 
छंटनी महंगाई लूट खसोट आज बढती जा रही 
भ्रूण हत्या और दहेज़ की अंधी चढ़ती आ रही 
कठिनाईयों का बोझ ये  महिलाओं पर आया है 
युवा लड़कियों की दुनिया पे काला बादल छाया है 
गहरे तनाव में लड़कियां ये जीवन बिता रही हैं 
फिर भी हिम्मत करके करतब खूब  दिखा रही हैं 
सारे रिश्ते कलंकित हुए आज के इस संसार में 
सगे सम्बन्धी परिचित फंसे घिनोने बलात्कार में 
शिक्षक का रिश्ता भी तो हरयाणा में दागदार हुआ 
अभिभावकों का दिलो दिमाग आज तार तार हुआ 
सामाजिक मूल्यों में आज गिरावट आई है भारी 
चारों तरफ अपसंस्कृति की छाई देखो महामारी 
फेश बुक पर चैटिंग से नहीं  समाज बचने वाला 
उदारीकरण और ज्यादा भोंडे खेल रचने वाला 
वंचित तबके और महिला युवा लड़के लड़कियां 
मिलके खोलेंगे जरूर समाज की बंद खिड़कियाँ 
इंसानी रिश्ते बनेंगे रंग भेद जात  भूल जायेंगे 
नवजागरण का सन्देश घर घर तक पहुंचाएंगे 

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