रक्त संबंधियों से विवाह में डर नहीं
लंदन. एक ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ता का कहना है कि आमतौर पर यह माना जाता है कि निकट के रक्त संबंधियों के साथ विवाह नुकसानदेह
होता है लेकिन यह बात पूरी तरह सच नहीं है। मडरेक विश्वविद्यालय के शोधकर्ता एलन बिट्टल्स ने कहा, “ब्रिटेन में पाकिस्तानी प्रवासियों
की संख्या बढ़ने के बाद वहां निकट संबंधियों में विवाह के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई जिसके कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
पैदा होने लगी थी।” बिट्टल्स लगभग 30 वर्षों से निकट रक्त संबंधियों में विवाह के स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव पर
शोध कर रहे हैं। उन्होंने पाया कि यह धारणा गलत है कि ऐसे विवाह बहुत कम होते हैं। दरअसल क्षेत्र के लगभग एक अरब निवासियों में से 20
से 50 फीसदी ने अपने रक्त संबंधियों से ही विवाह किया था। बिट्टल्स ने कहा, “पश्चिम में यह माना जाता है कि ऐसे विवाहों से उत्पन्न बच्चों के
जींस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है लेकिन देखा यह गया है कि इनमें से अधिकांश बच्चे स्वस्थ्य रहते हैं। ऐसे बच्चों की मृत्युदर जरूर अन्य
बच्चों की अपेक्षा चार से पांच फीसदी अधिक होती है।” बिट्टल्स ने पाया कि मुसलमानों, बौद्धों, ईसाइयों, हिंदुओं और यहूदियों में ऐसे विवाह आम हैं।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इन समुदायों के लोगों की संख्या में वृद्धि के बाद वहां भी ऐसे विवाहों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
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